याद रखें की लम्बे समय तक RO का पानी, लगातार पीने से, शरीर कमजोर और बीमारियों का घर बन जाता है।

Share

R.O. का लगातार सेवन बनेगा मौत का कारण:–
✍ W.H.O.

चिलचिलाती गर्मी में कुछ मिले या ना मिले पर शरीर को पानी ज़रूर मिलना चाहिए। अगर पानी RO का हो तो, क्या बात है ! परंतु क्या वास्तव में हम आर. ओ. के पानी को शुद्ध पानी मान सकते हैं ?

जवाब आता है बिल्कुल नहीं। और यह जवाब विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) की तरफ से दिया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि इसके लगातार सेवन से हृदय संबंधी विकार, थकान, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, सर दर्द आदि दुष्प्रभाव पाए गए हैं। यह कई शोधों के बाद पता चला है कि इसकी वजह से कैल्शियम और मैग्नीशियम पानी से पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं जो कि शारीरिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

RO के पानी के लगातार इस्तेमाल से शरीर मे विटामिन B-12 की कमी भी होने लगती है।

वैज्ञानिकों के अनुसार मानव शरीर 400 टीडीएस तक सहन करने की क्षमता रखता है परंतु RO में 18 से 25 टीडीएस तक पानी की शुद्धता होती है जो कि नुकसानदायक है। इसके विकल्प में क्लोरीन को रखा जा सकता है जिसमें लागत भी कम होती है एवं पानी के आवश्यक तत्व भी सुरक्षित रहते हैं। जिससे मानव का शारीरिक विकास अवरूद्ध नहीं होता।

जहां एक तरफ एशिया और यूरोप के कई देश RO पर प्रतिबंध लगा चुके हैं वहीं भारत में RO की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। और कई विदेशी कंपनियों ने यहां पर अपना बड़ा बाजार बना लिया है। स्वास्थय के प्रति जागरूक रहना और जागरूक करना ज़रूरी हैं। अब शुद्ध पानी के लिए नए अविष्कारों की ज़रूरत है।

याद रखें की लम्बे समय तक RO का पानी, लगातार पीने से, शरीर कमजोर और बीमारियों का घर बन जाता है।

So USE ALKAPHINE STICK MADE 10 pH water and add Magnesium to your water NATURALLY

SAVE YOUR BODY FROM ACIDITY, CONSTIPATION, LOOK YOUNG, FEEL RECHARGED JUST BY DRINKING 10 pH WATER!!

To know more about this contact us at behappy@goodwalapost.com

💧jal hi jeevan hai💧

Share

हम पानी क्यों ना पीये खाना खाने के बाद.!

Share

हम पानी क्यों ना पीये खाना खाने के बाद.!

क्या कारण है.?
हमने दाल खाई,हमने सब्जी खाई, हमने रोटी खाई,हमने दही खाया,
लस्सी पी, दूध, दही, छाझ, लस्सी, फल आदि.!
ये सब कुछ भोजन के रूप मे हमने ग्रहण किया
ये सब कुछ हमको उर्जा देता है
और पेट उस उर्जा को आगे ट्रांसफर करता है.!
पेट मे एक छोटा सा स्थान होता है
जिसको हम हिंदी मे कहते है “अमाशय”
उसी स्थान का संस्कृत नाम है “जठर”
उसी स्थान को अंग्रेजी मे कहते है
“epigastrium”
ये एक थेली की तरह होता है  और यह जठर
हमारे शरीर मे सबसे महत्वपूर्ण है
क्योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी मे आता है।
ये बहुत छोटा सा स्थान हैं
इसमें अधिक से अधिक 350gms खाना आ सकता है.!
हम कुछ भी खाते सब ये अमाशय मे आ जाता है.!

आमाशय मे अग्नि प्रदीप्त होती है

उसी को कहते हे “जठराग्न”.!
ये जठराग्नि है वो अमाशय मे प्रदीप्त होने वाली आग है ।
ऐसे ही पेट मे होता है जेसे ही आपने खाना खाया
की जठराग्नि प्रदीप्त हो गयी..
यह ऑटोमेटिक है,
जेसे ही अपने रोटी का पहला टुकड़ा मुँह मे डाला
की इधर जठराग्नि प्रदीप्त हो गई.!
ये अग्नि तब तक जलती हे जब तक खाना’ पचता है |

अब अपने खाते ही गटागट पानी पी लिया
और खूब ठंडा पानी पी लिया.

और कई लोग तो बोतल पे बोतल पी जाते है.!

अब जो आग (जठराग्नि) जल रही थी
वो बुझ गयी.!
आग अगर बुझ गयी .तो खाने की पचने की जो क्रिया है
वो रुक गयी.!
You suffer from IBS,
Never CURABLE

अब हमेशा याद रखें खाना जाने पर
हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है,
एक क्रिया है जिसको हम कहते हे
“Digestion” और दूसरी है “fermentation” फर्मेंटेशन का मतलब है
सडना…! और डायजेशन का मतलब हे पचना.!

आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी
तो खाना पचेगा,खाना पचेगा तो उससे रस बनेगा.!
जो रस बनेगा तो उसी रस से
मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र और अस्थि बनेगा
और सबसे अंत मे मेद बनेगा.!

ये तभी होगा जब खाना पचेगा.!

यह सब हमें चाहिए.
ये तो हुई खाना पचने की बात.अब जब खाना सड़ेगा तब क्या होगा..?

खाने के सड़ने पर सबसे पहला जहर जो बनता है
वो हे यूरिक एसिड (uric acid)

कई बार आप डॉक्टर के पास जाकर कहते है
की मुझे घुटने मे दर्द हो रहा है,
मुझे कंधे-कमर मे दर्द हो रहा है

तो डॉक्टर कहेगा आपका यूरिक एसिड बढ़ रहा है
आप ये दवा खाओ, वो दवा खाओ यूरिक एसिड कम करो|
और एक दूसरा उदाहरण खाना

जब खाना सड़ता है, तो यूरिक एसिड जेसा ही एक दूसरा विष बनता है
जिसको हम कहते हे LDL (Low Density lipoprotive)
माने खराब कोलेस्ट्रोल (cholesterol)

जब आप ब्लड प्रेशर(BP) चेक कराने डॉक्टर के पास जाते हैं
तो वो आपको कहता है (HIGH BP)

हाई-बीपी है आप पूछोगे…

कारण बताओ.?

तो वो कहेगा कोलेस्ट्रोल बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है |

आप ज्यादा पूछोगे की कोलेस्ट्रोल कौनसा बहुत है ?

तो वो आपको कहेगा LDL बहुत है |

इससे भी ज्यादा खतरनाक एक  विष हे
वो है…. VLDL (Very Low Density Lipoprotive)

ये भी कोलेस्ट्रॉल जेसा ही विष है।
अगर VLDL बहुत बढ़ गया तो आपको भगवान भी नहीं बचा सकता|

खाना सड़ने पर और जो जहर बनते है
उसमे एक ओर विष है जिसको अंग्रेजी मे हम कहते है triglycerides.!

जब भी डॉक्टर आपको कहे की आपका “triglycerides” बढ़ा हुआ हे
तो समज लीजिए की आपके शरीर मे विष निर्माण हो रहा है |

तो कोई यूरिक एसिड के नाम से कहे,
कोई कोलेस्ट्रोल के नाम से कहे,
कोई LDL -VLDL के नाम से कहे समझ लीजिए की ये विष हे और ऐसे विष 103 है |

ये सभी विष तब बनते है जब खाना सड़ता है |

मतलब समझ लीजिए किसी का कोलेस्ट्रोल बढ़ा हुआ है
तो एक ही मिनिट मे ध्यान आना चाहिए  की खाना पच नहीं रहा है ,

कोई कहता हे मेरा triglycerides बहुत बढ़ा हुआ है
तो एक ही मिनिट मे डायग्नोसिस कर लीजिए आप…!
की आपका खाना पच नहीं रहा है |

कोई कहता है मेरा यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है
तो एक ही मिनिट लगना चाहिए समझने मे की खाना पच नहीं रहा है |

क्योंकि खाना पचने पर इनमे से कोई भी जहर नहीं बनता.!

खाना पचने पर जो बनता है वो है….
मांस, मज्जा, रक्त, वीर्य, हड्डिया, मल, मूत्र, अस्थि.!

और

खाना नहीं पचने पर बनता है….
यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, LDL-VLDL.!
और यही आपके शरीर को रोगों का घर बनाते है.!

पेट मे बनने वाला यही जहर
जब ज्यादा बढ़कर खून मे आते है !
तो खून दिल की नाड़ियो मे से निकल नहीं पाता
और रोज थोड़ा थोड़ा कचरा जो खून मे आया है
इकट्ठा होता रहता है
और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है
जिसे आप heart attack कहते हैं.!

तो हमें जिंदगी मे ध्यान इस बात पर देना है
की जो हम खा रहे हे
वो शरीर मे ठीक से पचना चाहिए
और खाना ठीक से पचना चाहिए
इसके लिए पेट मे ठीक से आग (जठराग्नि) प्रदीप्त होनी ही चाहिए|

क्योंकि
बिना आग के खाना पचता नहीं हे और खाना पकता भी नहीं है

महत्व की बात खाने को खाना नहीं खाने को पचाना है |

आपने क्या खाया कितना खाया वो महत्व नहीं हे.!

खाना अच्छे से पचे इसके लिए वाग्भट्ट जी ने सूत्र दिया.!

“भोजनान्ते विषं वारी”

(मतलब खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है)

इसलिए खाने के तुरंत बाद पानी कभी मत पिये..!

अब आपके मन मे सवाल आएगा कितनी देर तक नहीं पीना.?

तो 1 घंटे 48 मिनट तक नहीं पीना !

अब आप कहेंगे इसका क्या calculation हैं.?

बात ऐसी है….!

जब हम खाना खाते हैं तो जठराग्नि द्वारा सब एक दूसरे मे मिक्स होता है
और फिर खाना पेस्ट मे बदलता हैं.!

पेस्ट मे बदलने की क्रिया होने तक 1 घंटा 48 मिनट का समय लगता है !

उसके बाद जठराग्नि कम हो जाती है.!

(बुझती तो नहीं लेकिन बहुत धीमी हो जाती है)

पेस्ट बनने के बाद शरीर मे रस बनने की परिक्रिया शुरू होती है !

तब हमारे शरीर को पानी की जरूरत होती हैं।

तब आप जितना इच्छा हो उतना पानी पिये.!

जो बहुत मेहनती लोग है
(खेत मे हल चलाने वाले,रिक्शा खीचने वाले,पत्थर तोड़ने वाले)

उनको 1 घंटे के बाद ही रस बनने लगता है उनको  घंटे बाद पानी पीना चाहिए !

अब आप कहेंगे खाना खाने के पहले कितने मिनट तक पानी पी सकते हैं.?

तो खाना खाने के 45 मिनट पहले तक आप पानी पी सकते हैं !

अब आप पूछेंगे ये मिनट का calculation….?

बात ऐसी ही जब हम पानी पीते हैं तो वो शरीर के प्रत्येक अंग तक जाता है !

और अगर बच जाये तो 45 मिनट बाद मूत्र पिंड तक पहुंचता है.!

तो पानी – पीने से मूत्र पिंड तक आने का समय 45 मिनट का है !

तो आप खाना खाने से 45 मिनट पहले ही पाने पिये.!

इसका जरूर पालण करे.

By  डॉ. कोमल अग्रवाल

 

Share

Health Benefits of Walnuts

Share

 What is walnuts

Walnuts are a delicious way to add extra nutrition, flavor and crunch to a meal. These walnuts is  great source  all-important omega-3 fatty acids which are harvest in month December.

Walnut are highly prized for its beauty which comes from an ornamental tree .The walnut kernel consists of two bumpy lobes that look like abstract butterflies. The lobes are off white in color and covered by a thin, light brown skin. They are partially attached to each other. The kernels are enclosed in round or oblong shells that are brown in color and very hard.

There three main types of walnuts consumed in world

  • English (or Persian) walnut
  • Juglans regia
  • the black walnut

Most of all types and varieties of walnuts can have unique nutrient composition. Sometimes within a particular type of walnut—for example, English walnut—there is a surprising amount of nutritional variety.

Health Benefits of Walnuts 

  • Walnuts are rich source of energy and contain health benefiting nutrients, minerals, antioxidants and vitamins that are essential for good health.
  • Walnuts are rich in monounsaturated fatty acids  like oleic acid and an excellent source of all important omega-3 essential fatty acids like linoleic acid, alpha-linolenic acid and arachidonic acids.Note  : For  favoring , healthy blood lipid profile the Mediterranean diet which is rich in mono-unsaturated fatty acids and omega-3 fatty acids helps in preventing coronary artery disease and strokes .
  • Eating just as much as 25 g each of walnut day provides about 90% of RDI (recommended daily intake) ofomega-3 fatty acids.
  • Walnut are rich source of many phyto-chemical substances that may contribute to their overall anti-oxidant activity, including melatonin, ellagic acid, vitamin E, carotenoids, and poly-phenolic compounds. These compounds have potential health effects against cancer, aging, inflammation, and neurological diseases.
  •  100 g of walnuts contain13541 µmol TE (Trolex equivalents) of oxidant radical absorbance capacity (ORAC) thus eating as few as six to seven average size nuts a day could help scavenge disease causing free radicals from the body.
  • In addition, they are an excellent source of vitamin E, especially rich in gamma-tocopherol; contain about 21 g per 100 g (about 140% of daily-required levels).
    Note : Vitamin E is a powerful lipid soluble antioxidant  ,require to maintain the integrity of cell membrane and for protecting skin from harmful oxygen-free radicals.
  • Walnuts also very are rich source of minerals like manganese, copper, potassium, calcium, iron,magnesium, zinc, and selenium.
  • Walnut’s oil has flavorful nutty aroma and most noteworthy has excellent astringent properties. Applied locally, it helps to keep skin well protected from dryness.
  • Walnut are  use in cooking and as “carrier or base oil” in traditional medicines in massage therapy and in addition used aromatherapy, in pharmaceutical and cosmetic industry.
  • Munch a handful of walnuts a day and you will have enough recommended levels of minerals, vitamins, and protein.

So buy  and start eating daily Walnut, Akhrot,fresh walnut and keep yourself  and your family healthy  

Share

हृदयाघात तथा गर्म पानी पीना

Share

यह भोजन के बाद गर्म पानी पीने के बारे में ही नहीं हृदयाघात के बारे में भी एक अच्छा लेख है। चीनी और जापानी अपने भोजन के बाद गर्म चाय पीते हैं, ठंडा पानी नहीं। अब हमें भी उनकी यह आदत अपना लेनी चाहिए। जो लोग भोजन के बाद ठंडा पानी पीना पसन्द करते हैं यह लेख उनके लिए ही है।
भोजन के साथ कोई ठंडा पेय या पानी पीना बहुत हानिकारक है क्योंकि ठंडा पानी आपके भोजन के तैलीय पदार्थों को जो आपने अभी अभी खाये हैं ठोस रूप में बदल देता है। इससे पाचन बहुत धीमा हो जाता है। जब यह अम्ल के साथ क्रिया करता है तो यह टूट जाता है और जल्दी ही यह ठोस भोजन से भी अधिक तेज़ी से आँतों द्वारा सोख लिया जाता है। यह आँतों में एकत्र हो जाता है। फिर जल्दी ही यह चरबी में बदल जाता है और कैंसर के पैदा होने का कारण बनता है।
इसलिए सबसे अच्छा यह है कि भोजन के बाद गर्म सूप या गुनगुना पानी पिया जाये। एक गिलास गुनगुना पानी सोने से ठीक पहले अभी पीना चाहिए। इससे खून के थक्के नहीं बनेंगे और आप हृदयाघात से बचे रहेंगे।
एक हृदय रोग विशेषज्ञ का कहना है कि यदि इस संदेश को पढ़ने वाला प्रत्येक व्यक्ति इसे १० लोगों को भेज दे, तो वह कम से कम एक जान बचा सकता है।
Dr. Naresh Trahan ( HEART SPECIALIST)
Medanta Hospital
Gurgaon

 

Share

ॐ (OM) उच्चारण के 11 शारीरिक लाभ …

Share

ॐ (OM) उच्चारण के 11 शारीरिक लाभ :

ॐ : ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
अ उ म् ।
“अ” का अर्थ है उत्पन्न होना,
“उ” का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,
“म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना।
ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।
ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
जानीए
ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक और अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग…

● उच्चारण की विधि

प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें। ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर कर सकते हैं। इसका उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं। ॐ जोर से बोल सकते हैं, धीरे-धीरे बोल सकते हैं। ॐ जप माला से भी कर सकते हैं।

01) ॐ और थायराॅयडः

ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

02) *ॐ और घबराहटः-
अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।

03) *..ॐ और तनावः-
यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।

04) *ॐ और खून का प्रवाहः-
यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।

5) ॐ और पाचनः-

ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।

06) ॐ लाए स्फूर्तिः-
इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।

07) ॐ और थकान:-
थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।

08) .ॐ और नींदः-
नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।

09) .ॐ और फेफड़े:-
कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है।

10) ॐ और रीढ़ की हड्डी:-
ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।

11) ॐ दूर करे तनावः-
ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।

Share

जीवनोपयोग

Share

जीवनोपयोग

1. सुबह उठ कर कैसा पानी पीना चाहिए

उत्तर – हल्का गर्म

2. पानी पीने का क्या तरीका होता है

उत्तर – सिप सिप करके व नीचे बैठ कर

3. खाना कितनी बार चबाना चाहिए

उत्तर. – 32 बार

4. पेट भर कर खाना कब खाना चाहिए

उत्तर. – सुबह

5. सुबह का नाश्ता कब तक खा लेना चाहिए

उत्तर. – सूरज निकलने के ढाई घण्टे तक

6. सुबह खाने के साथ क्या पीना चाहिए

उत्तर. – जूस

7. दोपहर को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

उत्तर. – लस्सी / छाछ

8. रात को खाने के साथ क्या पीना चाहिए

उत्तर. – दूध

9. खट्टे फल किस समय नही खाने चाहिए

उत्तर. – रात को

10. आईसक्रीम कब खानी चाहिए

उत्तर. – कभी नही

11. फ्रिज़ से निकाली हुई चीज कितनी देर बाद
खानी चाहिए

उत्तर. – 1 घण्टे बाद

12. क्या कोल्ड ड्रिंक पीना चाहिए

उत्तर. – नहीं

13. बना हुआ खाना कितनी देर बाद तक खा
लेना चाहिए

उत्तर. – 40 मिनट

14. रात को कितना खाना खाना चाहिए

उत्तर. – न के बराबर

15. रात का खाना किस समय कर लेना चाहिए

उत्तर. – सूरज छिपने से पहले

16. पानी खाना खाने से कितने समय पहले
पी सकते हैं

उत्तर. – 48 मिनट

17. क्या रात को लस्सी पी सकते हैं

उत्तर. – नही

18. सुबह खाने के बाद क्या करना चाहिए

उत्तर. – काम

19. दोपहर को खाना खाने के बाद क्या करना
चाहिए

उत्तर. – आराम

20. रात को खाना खाने के बाद क्या करना
चाहिए

उत्तर. – 500 कदम चलना चाहिए

21. खाना खाने के बाद हमेशा क्या करना
चाहिए

उत्तर. – वज्रासन

22. खाना खाने के बाद वज्रासन कितनी देर
करना चाहिए.

उत्तर. – 5 -10 मिनट

23. सुबह उठ कर आखों मे क्या डालना चाहिए

उत्तर. – मुंह की लार

24. रात को किस समय तक सो जाना चाहिए

उत्तर. – 9 – 10 बजे तक

25. तीन जहर के नाम बताओ

उत्तर.- चीनी , मैदा , सफेद नमक

26. दोपहर को सब्जी मे क्या डाल कर खाना
चाहिए

उत्तर. – अजवायन

27. क्या रात को सलाद खानी चाहिए

उत्तर. – नहीं

28. खाना हमेशा कैसे खाना चाहिए

उत्तर. – नीचे बैठकर व खूब चबाकर

29. चाय कब पीनी चाहिए

उत्तर. – कभी नहीं

30. दूध मे क्या डाल कर पीना चाहिए

उत्तर. – हल्दी

31. दूध में हल्दी डालकर क्यों पीनी चाहिए

उत्तर. – कैंसर ना हो इसलिए

32. कौन सी चिकित्सा पद्धति ठीक है

उत्तर. – आयुर्वेद

33. सोने के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए

उत्तर. – अक्टूबर से मार्च (सर्दियों मे)

34. ताम्बे के बर्तन का पानी कब पीना चाहिए

उत्तर. – जून से सितम्बर(वर्षा ऋतु)

35. मिट्टी के घड़े का पानी कब पीना चाहिए

उत्तर. – मार्च से जून (गर्मियों में)

36. सुबह का पानी कितना पीना चाहिए

उत्तर. – कम से कम 2 – 3 गिलास

37. सुबह कब उठना चाहिए

उत्तर. – सूरज निकलने से डेढ़ घण्टा पहले

दोस्तों पोस्ट अच्छा लगे तो शेयर करना मत भूलना
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

Share

Advice to diabetics

Share

Rujuta Diwekar is the highest paid dietician in India. She is the one who took care of junior Ambani to lose 108 kgs.
Her advice to diabetics:

1. Eat fruits grown locally ….. Banana, Grapes, Chikoo, Mangoes. All fruits have FRUCTOSE so it doesn’t matter that you are eating a mango over an Apple. A Mango comes from Konkan and Apple from Kashmir. So Mango is more local to you.

Eat all the above fruits in DIABETES as the FRUCTOSE will eventually manage your SUGAR

2. Choose Seed oils than Veggie oils. Like choose ground nut, mustard, coconut & til. Don’t choose chakachak packing oils, like olive, rice bran etc
Go for kachchi ghani oils than refined oils

3. Rujuta spends max time in her talks talking about GHEE and its benefits.
Eat GHEE daily. How much GHEE we should eat depends on food. Few foods need more GHEE then eat more and vice versa. Eat ample GHEE. It REDUCES cholesterol.

4. Include COCONUT. Either scraped coconut over food like poha, khandvi or chutney with idli and dosa
Coconut has ZERO CHOLESTEROL and it makes your WAIST SLIM

5. Don’t eat oats, cereals for breakfast. They are packaged food and we don’t need them. Also they are tasteless and boring and our day shouldn’t start with boring stuff.
Breakfast should be poha, upma, idli, dosa, paratha

6. Farhaan Akhtar’s New ad of biscuits – fibre in every bite… Even ghar ka kachara has fibre, likewise oats have fibre. Don’t chose them for fibre. Instead of oats, eat poha, upma, idli, dosa

7. No JUICES till you have teeth in your mouth to chew veggies and fruits

8. SUGARCANE is the real DETOX . Drink the juice fresh or eat the SUGARCANE

9. For pcos, thyroid – do strength training and weight training and avoid all packaged food

10. RICE – eat regular WHITE RICE. NO NEED of Brown rice. Brown rice needs 5-6 whistles to cook and when it tires your pressure cooker, then why do you want to tire your tummy.

A white rice is hand pounded simple rice

Rice is not high is GI INDEX. Rice has mediun GI index and by eating it with daal / dahi / kadhi we bring its GI index further down
If we take ghee over this daal chawal then the GI INDEX is brought further down.
B. Rice has some rich minerals and you can eat it even three times a day

11. How much should we eat – eat more if you are more hungry, let your stomach be your guide and vice versa

12. We can eat rice and chapati together or only rice if you wish. It depends on your hunger. Eat RICE in ALL THREE MEALS without any fear.

13. Food shouldn’t make you scared like eating rice and ghee. Food should make you FEEL GOOD

14. NEVER look at CALORIES. Look at NUTRIENTS

15. No bread, biscuits, cakes, pizza, pasta

16. Ask yourself is this the food my Nani & Dadi ate? If yes then eat without fear.

17. Eat as per your season. Eat pakoda, fafda, jalebi in monsoon. Your hunger is as per season. Few seasons we need fried food so eat them.

18. When not to have chai – tea – don’t drink tea as the first thing in morning or when you are hungry. Rest you can have it 2-3 times a day and with sugar

19. Eat ALL of your TRADITIONAL foods.

20. Strictly NO to packaged foods / drinks.

21. Exercise / Walk to digest & stay healthy.

Share