All prosperity and welfare is always in the hands of those ….

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श्रेयांसि च सकलान्यनलसानां हस्ते नित्यसान्निद्ध्यानि I

इस संसार की सकल संपत्ति एवं श्रेय उन्हीं के हाथ में होता है जो सदैव आलस्य का त्याग कर कर्म में उद्धयत रहते हैं।

All prosperity and welfare is always in the hands of those who are always active, who do not know laziness.

कर्म करें।

शुभ दिन हो।

🌹🌺💐🙏🏼

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आहिस्ता चल जिंदगी,अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है

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आहिस्ता चल जिंदगी,अभी
कई कर्ज चुकाना बाकी है
कुछ दर्द मिटाना बाकी है
कुछ फर्ज निभाना बाकी है II
रफ़्तार में तेरे चलने से
कुछ रूठ गए कुछ छूट गए
रूठों को मनाना बाकी है
रोतों को हँसाना बाकी है  II
कुछ रिश्ते बनकर ,टूट गए
कुछ जुड़ते -जुड़ते छूट गए
उन टूटे -छूटे रिश्तों के
जख्मों को मिटाना बाकी है II

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एक अच्छी कविता प्राप्त हुई है, जो मनन योग्य है।

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एक अच्छी कविता प्राप्त हुई है, जो मनन योग्य है।

“जाने क्यूं अब शर्म से, चेहरे गुलाब नही होते।
जाने क्यूं अब मस्त मौला मिजाज नही होते।

पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।
जाने क्यूं अब चेहरे, खुली किताब नही होते।

सुना है बिन कहे दिल की बात समझ लेते थे।
गले लगते ही दोस्त हालात समझ लेते थे।

तब ना फेस बुक ना स्मार्ट मोबाइल था
ना फेसबुक ना ट्विटर अकाउंट था
एक चिट्टी से ही दिलों के जज्बात समझ लेते थे।

सोचता हूं हम कहां से कहां आ गये,
प्रेक्टीकली सोचते सोचते भावनाओं को खा गये।

अब भाई भाई से समस्या का समाधान
कहां पूछता है अब बेटा बाप से
उलझनों का निदान कहां पूछता है
बेटी नही पूछती मां से गृहस्थी के सलीके
अब कौन गुरु के चरणों में बैठकर
ज्ञान की परिभाषा सीखे।

परियों की बातें अब किसे भाती है
अपनो की याद अब किसे रुलाती है
अब कौन गरीब को सखा बताता है
अब कहां कृष्ण सुदामा को गले लगाता है

जिन्दगी मे हम प्रेक्टिकल हो गये है
मशीन बन गये है सब इंसान जाने कहां खो गये है!

इंसान जाने कहां खो गये है….!
🙏 🎈

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ना हिंदू बुरा है ना मुसलमान बुरा है

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“मंदिर”में दाना चुगकर चिड़ियां “मस्जिद” में पानी पीती हैं
मैंने सुना है “राधा” की चुनरी
कोई “सलमा”बेगम सीती हैं
एक “रफी” था महफिल महफिल “रघुपति राघव” गाता था
एक “प्रेमचंद” बच्चों को
“ईदगाह” सुनाता था
कभी “कन्हैया”की महिमा गाता
“रसखान” सुनाई देता है
औरों को दिखते होंगे “हिन्दू” और “मुसलमान”
मुझे तो हर शख्स के भीतर “इंसान”
दिखाई देता है…
क्योंकि…
ना हिंदू बुरा है ना मुसलमान बुरा है
जिसका किरदार बुरा है वो इन्सान बुरा है

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दिनभर जो भागते दौड़ते थे वो अब चलते चलते भी रुकने लगे है

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साथ साथ जो खेले थे बचपन में
वो सब दोस्त अब थकने लगे है
किसीका पेट निकल आया है
किसीके बाल पकने लगे है
सब पर भारी ज़िम्मेदारी है
सबको छोटी मोटी कोई बीमारी है
दिनभर जो भागते दौड़ते थे
वो अब चलते चलते भी रुकने लगे है

उफ़ क्या क़यामत हैं
सब दोस्त थकने लगे है
किसी को लोन की फ़िक्र है
कहीं हेल्थ टेस्ट का ज़िक्र है
फुर्सत की सब को कमी है
आँखों में अजीब सी नमीं है
कल जो प्यार के ख़त लिखते थे

आज बीमे के फार्म भरने में लगे है
उफ़ क्या क़यामत हैं
सब दोस्त थकने लगे है
देख कर पुरानी तस्वीरें
आज जी भर आता है

क्या अजीब शै है ये वक़्त भी
किस तरहा ये गुज़र जाता है
कल का जवान दोस्त मेरा
आज अधेड़ नज़र आता है
कल के ख़्वाब सजाते थे जो कभी
आज गुज़रे दिनों में खोने लगे है
उफ़ क्या क़यामत हैं
सब दोस्त थकने लगे है

😌😌😊😊😊

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ज़ुबान कड़वी सही मेरी मगर ,दिल साफ़ रखता हु

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अप्रतिम गझल

ज़ुबान कड़वी सही मेरी मगर ,दिल साफ़ रखता हु !!
कब कौन कैसे बदलेगा सबका हिसाब रखता हु..!!

जिंदगी भी कितनी अजीब है.. मुस्कुराओ तो लोग जलते है…
तन्हा रहो तो सवाल करते है…!!

लुट लेते है अपने ही वरना,
गैरों को कहां पता इस दील की दीवार कहां से कमजोर है.

नफरत के बाज़ार में जीने का अलग ही मज़ा है , लोग रुलाना नहीं छोड़ते हम हसना नहीं छोड़ते।

ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि…..ढूंढना क्या है..!!
अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि… जो मिला.. वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है .. !!…

फुर्सत निकालकर आओ कभी मेरी महफ़िल में,
लौटते वक्त दिल नहीं पाओगे अपने सीने में..ii

मेरी आवाज को महफूज कर लो….. मेरे दोस्तों….
मेरे बाद बहुत सन्नाटा होगा….. तुम्हारी महफ़िल में!!!!
🌹Goodwala morningji🌹

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बीवी चालीसा

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❤🔔❤ बीवी चालीसा❤🔔❤

❤बीवी सेवा सच्ची सेवा !❤
❤जो करे वो खाये मेवा !!❤
❤जो बीवी के पाँव दबावै !❤
❤बस वैकुंठ परम पद पावै ❤
❤जो बीवी की करे गुलामी !❤
❤ना आये कोई परेशानी !!❤
❤जो बीवी की धोवे साड़ी !❤

❤उसकी किस्मत जग से न्यारी !!❤
❤भूत पिशाच निकट नहिं आवै !❤
❤जो बीवी के कीर्तन गावै !!❤
❤हाथ जोड़ कर कीजिये❤
❤पत्नी जी का ध्यान❤
❤घर में खुशहाली रहे❤
❤हो जाये कल्यान❤
❤घरवाली को नमन कर❤
❤माला लेकर हाथ ❤
❤मुख से पत्नी-वन्दना❤
❤बोलो मेरे साथ❤

❤जय पत्नी देवी कल्यानी ❤
❤माया तेरी ना पहचानी !!❤
❤तुमसे सारे देवता हारे !❤
❤डर से थर-थर कांपें सारे ❤
❤नहिं चरित्र तुम्हरा कोई जाना !❤
❤नर क्या ईश्वर ना पहचाना !!❤
❤अपरम्पार तुम्हारी माया !❤
❤कोई इसका पार न पाया !!❤
❤लगो देखने में तुम गुड़िया !❤
❤हो लेकिन आफत की पुड़िया !!❤
❤हे मेरे बच्चों की माता !❤
❤तुम हो मेरी भाग्यविधाता !!❤

❤है बेलन हथियार तुम्हारा !❤
❤जब चाहा सिर पर दे मारा !!❤
❤ऐसी तेरी निकले बोली !❤
❤जैसे हो बंदूक की गोली !!❤
❤हम तुमसे डरते हैं ऐसे !❤
❤चोर पुलिस से डरता जैसे !!❤
❤ऐसा है आतंक तुम्हारा !❤
❤बिच्छू जैसा डंक तुम्हारा !!❤
❤करे पति जो पत्नी-सेवा !❤

❤मिलती उसको सच्ची मेवा !!❤
❤पत्नी-वन्दना जो कोई गावे !❤
❤जीवन में कोई कष्ट न पावे !!❤
❤प्रभु दीक्षित कर पत्नी-वन्दन❤
❤पत्नी का कर लो अभिनन्दन !!❤
❤वन्दहु पत्नी मुख-कमल❤
❤गुण-अवगुण की खान !❤
❤मिले नहीं बिन आपके,❤

❤ पतियों को सम्मान !! ❤

❤बोलो पत्नी रानी की जयहो❤
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

 

 

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