वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ..

Share

Goodwala Morningji

कल एक झलक ज़िंदगी को देखा, वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख़्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं ज़िंदगी हूँ..
तुझे जीना सिखा रही थी…सुप्रभात

Goodwala Morningji

Share

संतुष्ट जीवन सफल जीवन से सदैव श्रेष्ठ होता है

Share

🐾☀🐾आज का विचार🐾☀🐾

संतुष्ट जीवन
सफल जीवन से
सदैव श्रेष्ठ होता है
क्योंकि
सफलता सदैव
दूसरों के द्वारा आंकलित होती है
जबकि संतुष्टि
स्वयं के मन और मस्तिष्क द्वारा

“🙏🏻सुप्रभात🙏🏻”
“🙏🏻आपका दिन शुभ एवं मंगलमय हो🙏🏻

🌹राम राम जी 🌹

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

Share